छत्तीसगढ़ के गरियाबंद स्थित उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व में बाघ की वापसी हुई है। टाइगर रिजर्व में लगे ट्रैप कैमरों में एक बाघ कैद हुआ है, जिससे वन विभाग और अभयारण्य प्रबंधन में उत्साह का माहौल है।
अभयारण्य प्रशासन के अनुसार पिछले दो वर्षों में वन्य प्राणियों के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयास किए गए थे, जिसका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है।
टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि फिलहाल रिजर्व क्षेत्र में कुल तीन बाघों की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। इनमें से एक बाघ ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है, जबकि दूसरे बाघ के मल (स्कैट) के नमूने भी मिले हैं, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि होती है।
उन्होंने बताया कि करीब 1852 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस टाइगर रिजर्व के कोर जोन में 51 गांव और बफर जोन में 59 गांव स्थित हैं। यहां के तौरेंगा और अरसी कन्हार रेंज वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल क्षेत्र माने जाते हैं, जहां अक्सर वन्यजीवों की गतिविधियां देखी जाती हैं।
बाघ की वापसी को अभयारण्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यहां वन्यजीव संरक्षण के प्रयास और मजबूत होंगे तथा बाघों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकती है।




