खबर हेमंत तिवारी,,,,,✍️✍️✍️
राजिम/ कुंभ कल्प मेला राजिम 2026 का समापन 15 फरवरी को हो चुका हैं। पर इस बार जिस तरह से जिला प्रशासन का फजीहत हुआ है।ऐसा कभी नहीं हुआ इवेंट वालों की मनमानी से इस बार सभी परेशान थे।लचर व्यवस्था के बीच जैसे तैसे मेला संपन्न हुआ। पर इसके बाद तो कचरे का ढेर लगा हुआ है हालांकि कुछ कचरा इकट्ठा कर जलाए गए हैं लेकिन यह काफी नहीं है। अभी भी ओर से लेकर छोर तक गंदगी पसरी हुई है कई जगह तो बदबू भी आ रही हैं। इसी के चलते मच्छरों का आतंक बढ़ गया है शहर के अलावा चौबेबांधा,सिंधौरी, नवागांव, नवापारा, पथर्रा, नवाडीह तथा आसपास के क्षेत्र में शाम होने से पहले ही मच्छर भीनभिनाने शुरू कर देते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि नवीन मेला मैदान चौबेबांधा के मीना बाजार क्षेत्र में कचरा बिखरा पड़ा है। जिसमें गन्ने के छिलके, पॉलिथीन के बड़े-बड़े टुकड़े, कागज केटुकड़े, रैपर इत्यादि है। किसान बड़ी चिंता में दिख रहे हैं। यह सारे अपशिष्ट पदार्थ उड़कर उनके खेतों में जा रहे हैं। कई किसानों के खेत में तो यही टुकड़ा ही देखने को मिल रही है। मेला करा कर वाहवाही तो लुट लेते।है पर आसपास के किसानों के इस तरह के परेशानी छोड़ देते है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आयोजन जिला प्रशासन ने किया है तो साफ सफाई की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की बनती है। मेला समाप्त हुए सात दिन बीत गए हैं। लेकिन आपेक्षित साफ सफाई नहीं होना निष्क्रियता को दर्शाती है।
,,,,,,,,,कुंभ तैयारी बैठक में उठा था सवाल ,,,
,पीडब्ल्यूडी के सर्किट हाउस में कुंभ कल्प तैयारी बैठक संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने लिया था जिसमें स्थानीय लोग भी उपस्थित थे इन लोगों का स्पष्ट कहना था की कुंभ समाप्त होते ही तुरंत सफाई किया जाय। स्वच्छ भारत के नियम का शत प्रतिशत पालन होना चाहिए। इस बात को नोट भी किया गया था मौके पर जिला के छोटे बड़े सभी अधिकारी मौजूद थे। पर असर नहीं हुआ ,,, इधर नदी क्षेत्र की हालत भी कुछ ऐसी ही है प्लास्टिक की बोरियां नदी की पवित्रता में खलल डालने का काम कर रही है। त्रिवेणी संगम नदी की हालत चिंताजनक हो गई है ।गंदगी का आलम ऐसा कि शाम होते ही मच्छर भिनभिनाते हैं। बाहर से आने वाले पर्यटक एवं श्रद्धालु आश्चर्य में पड़ जाते हैं कि महानदी तेरी ये दुर्दशा… बताना होगा कि मच्छर न सिर्फ नदी क्षेत्र और नवीन मेला मैदान क्षेत्र में है बल्कि बस्तियों में तो कोहराम मचा रहे हैं।और इन दिनों खासकर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं स्कूली बच्चे तो घर में ही बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं ऐसे में मच्छर ने उन्हें परेशान करके रख दिया है।,,,,,राजिम और चौबेबांधा दोनों जगह ब्लीचिंग पाउडर डालने की जरूरत पूरा मेला राजिम चौबेबांधा तथा नवापारा, नवागांव के इलाके में संपन्न हुआ है इसे देखते हुए दोनों शहर के अलावा दोनों गांव मच्छर की चपेट से ग्रसित हो गए हैं इसके लिए उपाय किया जाना बहुत जरूरी है। कुछ लोगों का कहना है कि ब्लीचिंग पाउडर डाली जानी चाहिए। एक्सपर्ट बताते हैं कि मच्छरों को भगाने के लिए घर में कपूर जालना, नीम का तेल और कपूर का मिश्रण, नींबू में लौंग लगाकर रखना या तेज पत्ता जालना बेहद असरदार और प्राकृतिक तरीके हैं इसके अलावा खिड़कियों पर जाली लगाना और मच्छरदानी का उपयोग करना सबसे सुरक्षित उपाय है। इधर बड़ी संख्या में शौचालय का निर्माण किया गया था जिनके टंकी मेला चलते ही खुला था और अब तो मच्छर घर कर गए हैं। लगातार एक ही स्थान पर पानी जमने के चलते मच्छर पनपना स्वाभाविक हो जाता है। कुल मिलाकर मच्छरों ने कुंभ क्षेत्र के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।

