गरियाबंद में निजी विद्यालयों की मनमानी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर बी.एस. उइके और पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने जिले के सभी निजी स्कूलों की बैठक लेकर फीस वृद्धि, आरटीई प्रवेश, अपार आईडी और छात्रों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर स्पष्ट निर्देश दिए।
कलेक्टर ने साफ कहा कि बिना अनुमति फीस बढ़ाना नियम विरुद्ध है और शिकायत मिलने पर सीधे कार्रवाई होगी। स्कूलों को अपनी पूरी फीस संरचना और पुराने रिकॉर्ड समिति के सामने प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही एक सत्र में अधिकतम 8% तक ही फीस बढ़ाने की सीमा तय की गई है।

आरटीई के तहत पात्र बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने, सभी छात्रों की अपार आईडी बनाने और किसी विशेष दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के दबाव पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सख्त दिखा। स्कूलों में फायर सेफ्टी, साफ-सफाई, अलग शौचालय, खेल मैदान और बसों में सीसीटीवी, इमरजेंसी एग्जिट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता तक रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
पुलिस अधीक्षक ने स्कूल वाहनों और ड्राइवरों की जानकारी थाने में दर्ज कराने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

