ऑनलाइन मुनाफे का सपना दिखाकर सेब बागवान से 36 लाख की ठगी

NFA@0298
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगों ने इस बार सेब बहुल इलाके के एक बागवान को निशाना बनाया। ऑनलाइन ट्रेडिंग और आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच देकर ठगों ने उससे किश्तों में करीब 36 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामला सामने आने के बाद साइबर पुलिस ने लोगों को ऐसे फोन कॉल और ऐप से सावधान रहने की कड़ी अपील की है। पीड़ित ने इस संबंध में शिमला स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है।

शिकायत के अनुसार पीड़ित के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को “इंडनिव प्रो” नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताया और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कम समय में बड़े मुनाफे का दावा किया। बातों में आकर पीड़ित ने कॉलर के कहने पर इंडनिव प्रो नाम का एक ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लिया।

इसके बाद ठगों ने ट्रेडिंग शुरू करने के नाम पर पहले 15 हजार रुपये जमा करवाए। कुछ समय बाद पीड़ित को एक कथित आईपीओ में निवेश करने का झांसा दिया गया। फोन पर लगातार निर्देश देते हुए उससे अलग-अलग किश्तों में लगभग 14 लाख रुपये निवेश करवा लिए गए। जब पीड़ित को भरोसा हो गया कि उसे मुनाफा मिलेगा, तो ठगों ने “सर्विस चार्ज” के नाम पर 10 लाख रुपये और मांगे, जिसे उसने जमा भी करवा दिया।

इतना ही नहीं इसके बाद ठगों ने यह कहकर फिर से पैसे ऐंठे कि सर्वर की समस्या के कारण रकम गलत खाते में चली गई है और उसे ठीक करने के लिए दोबारा 10 लाख रुपये भेजने होंगे। पीड़ित ने यह राशि भी भेज दी। बाद में ठगों ने 30 प्रतिशत “प्रोसेसिंग चार्ज” के नाम पर और पैसे की मांग शुरू कर दी। इसी दौरान पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस का रुख किया।

जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले में पीड़ित से कुल मिलाकर करीब 36 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई है। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें, खासकर जब ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश योजना या आईपीओ में निवेश का लालच दिया जाए। अज्ञात ऐप या लिंक डाउनलोड करने से बचें और किसी अनजाने प्लेटफॉर्म पर पैसे न भेजें। निवेश से पहले संबंधित कंपनी की जानकारी सेबी या आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांचें। किसी को भी बैंक विवरण, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।

पुलिस के एक अधिकारी ने यह भी बताया कि हाल ही में 42 लाख रुपये की एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया था, जिसमें फेसबुक विज्ञापन के जरिए निवेश का झांसा देकर एक व्यक्ति को ठगा गया। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर देने की अपील की गई है।

 



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