
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसएमएस अस्पताल में रक्त उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर कहा कि निजी ब्लड बैंकों से रक्त नहीं लाने के नियम के कारण मरीजों को समय पर खून नहीं मिल पा रहा है, जिससे इलाज और ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं।
गहलोत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अधिक यूनिट की आवश्यकता वाले मामलों में ऑपरेशन में देरी हो रही है, जबकि दुर्लभ ब्लड ग्रुप के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के चलते अस्पतालों में दलाल सक्रिय हो गए हैं, जो स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के उस जवाब पर भी सवाल उठाया, जिसमें विधानसभा में कहा गया कि निजी ब्लड बैंकों से जुड़े रक्त के रख-रखाव या अवैध बिक्री को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। गहलोत ने पूछा कि जब कोई शिकायत नहीं है, तो निजी ब्लड बैंकों से रक्त लाने पर रोक क्यों लगाई गई है।
उन्होंने इस पूरी स्थिति को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए कहा कि जीवनरक्षक उपचार में इस प्रकार की अव्यवस्था किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
गहलोत ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि एसएमएस अस्पताल में रक्त उपलब्धता की पारदर्शी, मानवीय और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने आपातकालीन स्थिति में बाहरी लाइसेंसी स्रोतों से रक्त उपलब्ध कराने की स्पष्ट प्रणाली बनाने और बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की।


