एनआईए ने कहा पहलगाम हमले में इस्तेमाल गोप्रो चीन में “एक्टिवेट” हुआ था
04-Mar-2026 6:33 PM
जम्मू स्थित एक एनआईए अदालत ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए हमले की जांच को आगे बढ़ाते हुए चीन की सक्षम न्यायिक प्राधिकरण को लेटर रोगेटरी (अनुरोध पत्र) जारी किया है. अदालत का यह कदम एनआईए के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल संदीप चौधरी की उस अर्जी के बाद आया, जिसे उन्होंने बीएनएसएस की धारा 112 के तहत दायर किया था. यह धारा भारतीय अदालतों को विदेश में मौजूद संभावित सबूतों के संबंध में विदेशी प्राधिकारियों को अनुरोध भेजने का अधिकार देती है.
एनआईए ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सामग्री जब्त की गई है, जो हमले की साजिश और उसे अंजाम से जुड़ी हुई है. इनमें एक महत्वपूर्ण उपकरण गोप्रो कैमरा है. एजेंसी का दावा है कि आतंकी मॉड्यूल की प्री-रैकॉनिसेंस गतिविधियों, आने-जाने की लोकेशन और ऑपरेशनल तैयारियों से यह जुड़ा है. एजेंसी का कहना है कि इस कैमरे की सप्लाई चेन और अंतिम उपयोगकर्ता की जानकारी जांच के लिए बेहद अहम है.
पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय गाइड की मौत हो गई थी. एनआईए इस हमले को अंजाम देने वाले मॉड्यूल और उनके विदेशी लिंक का पता लगाने में जुटी है. चीन को भेजा गया यह लेटर रोगेटरी इसी उद्देश्य से जारी किया गया है, ताकि हमले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की पुष्टि हो सके. (dw.com/hi)

