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लेंस डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच उसके संभावित असर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में पीएम ने सभी राज्यों से हालात पर सतर्क रहने और ‘टीम इंडिया’ की भावना से मिलकर काम करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से उनकी तैयारियों और आपात योजनाओं की जानकारी ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ यह प्रधानमंत्री की पहली बैठक मानी जा रही है।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। हालांकि, जिन राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू है, वहां के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में संभावित लॉकडाउन की चर्चाओं को केंद्र सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्र के तीन मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि देश में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
लॉकडाउन की चर्चाएं प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए उस बयान के बाद शुरू हुई थीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि युद्ध के कारण बने वैश्विक हालात का असर लंबे समय तक रह सकता है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लॉकडाउन की खबरें अफवाह हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार हर स्तर पर स्थिति पर नजर रख रही है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन से जुड़ी खबरें पूरी तरह गलत हैं। सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और लोगों को शांत रहना चाहिए।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड जैसे लॉकडाउन की कोई स्थिति नहीं बनेगी। कुछ नेताओं द्वारा फैलाई जा रही बातें बेबुनियाद हैं।
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविड जैसे हालात की बात कही है, जबकि कोविड के दौरान लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोविड की पीड़ा को देश अभी भूला नहीं है। ऐसे में क्या देश को फिर ऊर्जा संकट, महंगाई और खाद्य संकट जैसी चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी लोगों को भरोसा दिलाया कि देश में कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि देश के पास करीब दो महीने का ईंधन स्टॉक है। सभी रिफाइनरी 100% क्षमता से काम कर रही हैं। घरेलू LPG उत्पादन 40% बढ़ाया गया है। पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं।
मंत्रालय के मुताबिक 14 मार्च से अब तक करीब 30 हजार टन LPG की सप्लाई की जा चुकी है और ढाबों-रेस्टोरेंट को प्राथमिकता दी जा रही है।
केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह बनाया है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं।
दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद क्षेत्र में संघर्ष शुरू हुआ, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की। करीब चार हफ्तों से जारी इस टकराव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल-गैस की कीमतों पर पड़ रहा है।
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