आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं और मितानिनों का धरना

NFA@0298
2 Min Read


Raipur protest 17 जनवरी 2026 को रायपुर के राजीव गांधी चौक पर संघर्षशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन (AIUTUC) और छत्तीसगढ़ मितानिन आशा यूनियन (AIUTUC) के बैनर तले भारी संख्या में महिलाओं ने एक दिवसीय धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 24,000 रुपये, सहायिकाओं को 21,000 रुपये मासिक मानदेय, शासकीय कर्मचारी का दर्जा, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ देने की मांग की।

AIUTUC के राज्य प्रभारी विश्वजीत हारोडे ने कहा कि 1975 से शुरू हुई आंगनबाड़ी योजना में कार्यकर्ता 10,000 और सहायिका मात्र 5,000 रुपये पर काम कर रही हैं, जबकि काम का बोझ तीन-चार गुना बढ़ चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में 3 करोड़ से अधिक स्वयंसेवी कर्मचारियों के लिए क्यों कोई कानून नहीं है, जबकि वे जनसेवा का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला

संघर्षशील यूनियन की अध्यक्ष कल्पना चंद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में ग्रेच्युटी देने का आदेश दिया, गुजरात हाईकोर्ट ने 2024-2025 में तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मानकर 24,800 और 20,300 रुपये मानदेय देने का निर्देश दिया, लेकिन छत्तीसगढ़ में इन आदेशों को लागू नहीं किया गया। मितानिन यूनियन की ओर से बबीता सोना, नीरा देवी, ममता एक्का और मीरा मंडल ने मांग की कि मितानिनों का मानदेय 10,000 रुपये तक बढ़ाया जाए राज्यांश 100% किया जाए, प्रोत्साहन राशि दोगुनी हो, दावा-पत्र के सभी बिंदुओं पर भुगतान हो और रिटायरमेंट पर 5 लाख रुपये दिए जाएं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।



Source link

Share This Article
Leave a Comment