
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने शहर में “ऑपरेशन पहचान” के तहत किरायेदार पंजीकरण अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य मकान मालिकों और किरायेदारों की जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना है।पिछले वर्ष 2025 में लखनऊ के विभिन्न जोनों में कुल 13,864 किरायेदारों का पंजीकरण किया गया। इनमें मध्य जोन में 843, पूर्वी जोन में 6,657, दक्षिणी जोन में 4,928, पश्चिमी जोन में 532 और उत्तरी जोन में 904 रजिस्ट्रेशन शामिल हैं। अब इन पंजीकरणों का भौतिक सत्यापन थाना टीमों द्वारा लगातार किया जा रहा है।
किरायेदार पंजीकरण की प्रक्रिया
मकान मालिकों को अपने किरायेदारों की जानकारी लखनऊ पुलिस की वेबसाइट http://lucknowpolice.up.gov.in
या UPCOP App पर दर्ज करनी होगी।
पंजीकरण मकान किराए पर देने से पहले या 1 माह के भीतर करना अनिवार्य है।
हर किरायेदार का सत्यापन कराया जाना जरूरी है। यदि मकान में एक से अधिक किरायेदार रहते हैं, तो सभी का सत्यापन अनिवार्य है।
पंजीकरण के बाद संबंधित थाना की टीम किरायेदार का भौतिक सत्यापन करेगी। मकान मालिकों से अनुरोध है कि टीम का सहयोग करें।
मकान मालिकों को किरायेदार के फोटो, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और मूल पता जैसी जानकारी सुरक्षित रखनी होगी।
यदि कोई किरायेदार अपराध में संलिप्त पाया जाता है और सूचना नहीं दी गई, तो मकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विदेशी नागरिक को किराए पर देने पर FORM C भरना और पुलिस को सूचित करना जरूरी है।
जागरूकता अभियान
लखनऊ पुलिस के तहत सभी थाना क्षेत्रों में मकान मालिकों को पंजीकरण और सत्यापन की अनिवार्यता के बारे में जानकारी दी जा रही है।
मोहल्लों और आवासीय क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से जनता को जागरूक किया जा रहा है।
मकान मालिकों से अपील की गई है कि किरायेदारों से चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करें, जिसे वेबसाइट या UPCOP App पर आवेदन करके लिया जा सकता है।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान से कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी और शहर में अपराध की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा।

