कानपुर। शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव लगातार हमलावर हैं। आज कानपुर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अपमान बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, बटुकों (छोटे बच्चों) को खींचकर पीटना बड़ा अपराध है।
अखिलेश ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे सिर्फ निजी स्वार्थ के लिए पद संभाले हुए हैं। उन्होंने पूछा कि जब शंकराचार्य का अपमान हो रहा था तो उसे रोकने वाले या देखने वाले पर भी महापाप नहीं लगेगा? उन्होंने व्यंग्य किया कि अगर सरकार को सच में दुख है तो इस्तीफा देकर जापान जाएं, और समाजवादी 100 विधायकों का समर्थन देकर नया मुख्यमंत्री बना सकते हैं।
उन्होंने शंकराचार्य को भी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में शामिल बताते हुए कहा कि वे पीड़ित, दुखी और अपमानित हैं, इसलिए समाजवादी उनके साथ पूरी तरह खड़े हैं।
एआई समिट पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश ने कहा कि बिना ठीक तैयारी के आयोजन क्यों किया गया? नकली एआई दिखाकर और विदेशी रोबोट को अपना बताकर अपमान किया गया।
इसके अलावा उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। कहा कि राज्य में हालात खराब हैं, अयोध्या में बिना नोटिस दिए लोगों के घर-दीवारें बुलडोजर से गिराई जा रही हैं। एनआरसी जैसे मुद्दे पर हिंदू ज्यादा परेशान होंगे, क्योंकि कागजात ढूंढना मुश्किल हो रहा है।
मठ के अंदर सीक्रेट रूम और स्वीमिंग पूल पर क्या बोले अविमुक्तेश्वरानंद?
दूसरी ओर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मठ में कथित ‘सीक्रेट रूम’ और स्वीमिंग पूल के आरोपों पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि मठ में विद्यालय भी चलता है, इसलिए कैमरे से शूटिंग की अनुमति नहीं दी जाती, वरना सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। कोई भी बिना कैमरे के आकर देख सकता है, क्योंकि कमरों में ताले नहीं लगे।
स्वीमिंग पूल के बारे में उन्होंने कहा कि यह उनके गुरुजी के स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए डॉक्टर की सलाह पर बनाया गया था, जो अब बंद पड़ा है। मठ छोटा है, जहां 150-200 लोग रहते हैं, कोई गुप्त कमरा, शीश महल या ऐसी कोई चीज नहीं है। उन्होंने दावों को झूठी कहानियां बताया और कहा कि वे खुद चलते-फिरते मठ हैं, संस्था की सुरक्षा के लिए कुछ व्यवस्था जरूरी है।
अग्रिम जमानत की याचिका पर उन्होंने कहा कि कई झूठी कहानियां फैलाई जा रही हैं, जेल में गलत होने का डर है, इसलिए सुरक्षा और भावनाओं को देखते हुए अग्रिम जमानत ली गई है।


