
फ़िरोज़ाबाद, रामलीला ग्राउण्ड स्थित राज राजेश्वरी कैला देवी के दरबार मे माता के अंगराग (चोला परिवर्तन) कार्यक्रम के उपलक्ष्य में दिनाँक 04 फरवरी दिन बुधवार से 13 फरवरी शुक्रवार तक भक्तो को माता रानी के दर्शन उपलब्ध नही हो सकेंगे
कैला देवी मन्दिर के महन्त श्याम सुन्दर एवं मदन राज पन्त ने जानकारी देते हुए बताया कि माँ का चोला हर पांच साल बाद बदला जाता है। नियमानुसार इस तरह का अंगराज कार्यक्रम राजस्थान के करौली मन्दिर पर भी किया जाता है। क्योंकि जो सिन्दूर माँ के अंग पर चढ़ाया जाता है। उसके काफी भारी हो जाने की बजह से गिरने का डर रहता है। इस लिये उसको हर पाँच साल बाद बदलकर दुबारा से चढ़ाया जाता है। इसको अंगराज कहते है, महन्त श्याम सुन्दर और मदनराज ने बताया कि इस मन्दिर की स्थापना सन 1991 में राजस्थान के करौली मन्दिर से ज्योति लाकर फ़िरोज़ाबाद के इस मन्दिर में दीप प्रज्वलित कर किया गया था। जो आज भी अखण्ड ज्योति के रूप में माँ केला चामुंडा भवानी के समीप जलती रहती है।
इस मन्दिर में आकर भक्तो ने जो भी मांगा है। माँ ने उसकी हर मुरादों को पूरा कर उनकी झोली भरी है।
उन्होंने बताया कि चोला (अंगराज)बदलने के कारण माता के दरबार मे शतचंडी महायज्ञ के साथ श्रीमद देवी भागवत , भैरव सहस्त्र नामावली, गणेश मंत्र जाप,नर्वाण मंत्र जाप ,अथर्वसूक्त पाठ सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रमो का आयोजन किया जायेगा। इस लिए मन्दिर के पट भक्तो के लिए पूरी तरह से बन्द रहेंगे। और दर्शनों के लाभ सहित फूल,माला , प्रसाद का भोग आदि नही लगाया जा सकेंगा।
अतः सभी धर्म प्रेमियों से अनुरोध है, कि इस आयोजन के दौरान मन्दिर कमेटी का सहयोग करें।
अतः शतचंडी महायज्ञ की पूर्ण आहुति के पश्चात 14 फरवरी शनिवार को साँय 03 बजे से भक्तो को दर्शन लाभ प्राप्त हो सकेंगा।

