रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में निलंबित राज्य सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया (Saumya Chaurasia) को बड़ी राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। दोबारा गिरफ्तारी के करीब ढाई महीने बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
रिहाई को लेकर सोमवार को स्थिति साफ होगी, कि उन्हें अभी जेल से बाहर निकाला जाएगा, या शर्तों के तहत उन्हें हफ्तेभर और जेल में रहना होगा।
बिलासपुर हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया को जमानत प्रदान की है। कोर्ट के आदेश के बाद उनकी संभवतः सोमवार को जेल से रिहाई हो सकती है।
सौम्या चौरसिया को दिसंबर 2025 में प्रवर्तन निदेशालय और राज्य की जांच एजेंसियों ने शराब घोटाले से जुड़े नए मामले में गिरफ्तार किया था।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि राज्य में कथित शराब सिंडिकेट और अवैध वसूली तंत्र के संचालन में प्रशासनिक स्तर पर भूमिका निभाई गई। हालांकि बचाव पक्ष इन आरोपों को लगातार निराधार बताता रहा है।
इससे पहले दिसंबर 2022 में सौम्या चौरसिया को कोल लेवी घोटाले में ED ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद EOW ने कोल लेवी और डीएमएफ घोटाले में भी कार्रवाई की। करीब ढाई साल जेल में रहने के बाद जून 2025 में उन्हें इन मामलों में जमानत मिली और वे जेल से बाहर आ गईं। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ से बाहर रहने की शर्त रखी थी।
इस बीच शराब घोटाले की जांच में ईडी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को शराब घोटाले में गिरफ्तार किया। इसके बाद एक बार फिर सौम्या चौरसिया का नाम इस घोटाले में सामने आया।
दिसंबर 2025 में शराब घोटाले में उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया, जो उनकी दोबारा गिफ्तारी थी। करीब दो महीने जेल में रहने के बाद अब उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिली है। अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद फिर रिहाई का रास्ता साफ हुआ है।
हाई कोर्ट से पहले सौम्या की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे राहत देने के बजाय उन्हें हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था और मामले की प्राथमिकता से सुनवाई करने को कहा था। उसी के बाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और अब जमानत आदेश जारी हुआ है।
हाई कोर्ट ने जमानत के साथ जांच में सहयोग और शर्तों के पालन की बात कही गई है।

