
जयपुर। राजस्थान शुक्रवार को भी घने कोहरे की चपेट में रहा। कम दृश्यता के चलते भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे-58 पर सुबह बड़ा हादसा हो गया। एक के बाद एक छह से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग घायल हो गए।
हादसे के बाद भीलवाड़ा–उदयपुर हाईवे पर करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घायलों को लेने पहुंची एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे राहत कार्य में देरी हुई।टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।
सुबह के समय कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी। कोठारी नदी पुलिया के पास हुए हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।मावठ के बाद प्रदेश के अधिकांश जिलों में सुबह-शाम घना कोहरा छा रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर नेशनल हाईवे के यातायात पर पड़ रहा है।शुक्रवार सुबह जयपुर–दिल्ली हाईवे पर विजिबिलिटी 10 मीटर तक रही। सीकर, चूरू, अलवर और कोटा में भी घना कोहरा रहा।
मौसम विभाग ने आज 12 जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके असर से जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग के जिलों में बादल छा सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ ओले भी गिरने की संभावना है। इस सिस्टम का असर दो फरवरी तक रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में कई जिलों में धुंध और हल्के बादल छाए रहे, जिससे धूप कमजोर रही और ठंड बढ़ गई। गुरुवार को अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे मापा गया। पाली में सबसे कम 4.1 डिग्री रहा।
टोंक में लगातार दूसरे दिन सुबह घना कोहरा रहा। सवेरे तक धुंध छाई रही। अलवर में सुबह घना कोहरा रहा। बाद में धूप निकलने से असर कम हो गया। कोटा एनएच-52 पर विजिबिलिटी 100–150 मीटर रही। कोटपूतली-बहरोड़ में एनएच-48 पर तीसरे दिन भी घना कोहरा रहा। यहां विजिबिलिटी 10 मीटर ही रही। वाहन फॉग लाइट जलाकर चले।

