युद्ध की सनसनीखेज कवरेज को लेकर चैनलों की टीआरपी पर चार सप्ताह की रोक

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नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को अगले चार सप्ताहों के लिए न्यूज़ टेलीविजन चैनलों के व्यूअरशिप डेटा यानि TRP रेटिंग जारी करने से रोकने का निर्देश दिया है।

मंत्रालय के पत्र में कहा गया है कि यह कदम सार्वजनिक हित में उठाया गया है और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष इज़राइल-ईरान संघर्ष की कुछ न्यूज़ चैनलों द्वारा की जा रही सनसनीखेज कवरेज को लेकर बढ़ती चिंता के बाद लिया गया है। गौरतलब है कि अंजना ओम कश्यप ने अपने एक प्रसारण में 66 अमेरिकियों को ईरानियों द्वारा कैद किए जाने की फर्जी खबर चला दी थी जिसका बाद में खंडन किया गया।

टीवी पत्रकारों रवीश कुमार, मुकेश कुमार आदि का हमेशा से मानना रहा है कि टीआरपी रेटिंग ने खबरों की गुणवत्ता गिराई है। रजत शर्मा के नेतृत्व वाली रजत शर्मा की अध्यक्षता वाले न्यूज ब्रॉडकास्ट एसोसियन ने रेटिंग रोकने के फैसले का स्वागत किया है।

मंत्रालय ने BARC को भेजे गए संदेश में कहा है कि उसने देखा है कि कुछ न्यूज़ टीवी चैनल इज़राइल-ईरान संघर्ष के संबंध में अनावश्यक सनसनीखेज़ और अनुमान-आधारित सामग्री दिखा रहे हैं। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ऐसी सनसनीखेज सामग्री आम जनता में दहशत पैदा कर सकती है, खासकर उन लोगों में जिनके परिवार के सदस्य या दोस्त प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं।

जानकारों का कहना है कि यह कदम युद्ध को लेकर अत्यधिक नाटकीयकरण और TRP बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धी सनसनीखेज़ को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे भारतीय नागरिकों में दहशत और चिंता पैदा हो सकती है। व्यूअरशिप डेटा जारी करने का अस्थायी निलंबन प्रतिस्पर्धी सनसनीखेज़ खबरों को हतोत्साहित करने के लिए भी है।

पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक हित में, मंत्रालय ने BARC को निर्देश दिया है कि वह न्यूज़ टीवी चैनलों के TRP की रिपोर्टिंग को तत्काल रोक दे और यह चार सप्ताह या आगे के निर्देश तक जो पहले हो लागू रहेगा।

पहले भी MIB ने विभिन्न मौकों पर निजी न्यूज़ टीवी चैनलों को केबल टीवी नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट के तहत विज्ञापन और प्रोग्रामिंग कोड का पालन करने के लिए सलाह जारी की है।



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