

कोलकाता। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाख आवासों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य के लिए कुल 1,700 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास पैकेज भी स्वीकृत किया गया है, जिसमें सड़क निर्माण, रोजगार योजनाओं और पेंशन से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, यह निर्णय हाल ही में राज्य में नई सरकार के गठन के बाद लिया गया है। इसे पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पैकेज से राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाख घरों की स्वीकृति को लंबे समय से चल रहे केंद्र और राज्य के बीच ग्रामीण आवास फंड को लेकर विवाद में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है।
वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने कथित अनियमितताओं के आरोपों के चलते इस योजना के तहत फंडिंग को रोक दिया था। उस समय लगभग 11.5 लाख घरों के लिए 8,200 करोड़ की राशि आवंटित की गई थी, जिसे बाद में रोक दिया गया था।
फंड रोके जाने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के खजाने से करीब 28 लाख आवासों के निर्माण का दावा किया था और केंद्र पर राज्य को उसके हक के फंड से वंचित करने का आरोप लगाया था। अब ताजा मंजूरी के बाद राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों को पक्का घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 800 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिसका उपयोग राज्य के ग्रामीण इलाकों में सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों में किया जाएगा। इस योजना से दूरदराज के गांवों में सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को लेकर पिछले कुछ वर्षों में राज्य और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला है। ऐसे में यह नई स्वीकृति ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 700 करोड़ की राशि भी मंजूर की गई है। यह योजना राज्य में 100 दिन के रोजगार कार्यक्रम को फिर से गति देने में मदद करेगी, जो जून महीने से पुनः सक्रिय होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त पंचायत विभाग के अंतर्गत विभिन्न ग्रामीण पेंशन योजनाओं के लिए 600 करोड़ की राशि भी जारी की गई है, जिससे वृद्धावस्था, विधवा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, यह वित्तीय पैकेज पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी सहायता में से एक है। इन योजनाओं से न केवल ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार होगा बल्कि रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की इस घोषणा को पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास पर बड़ा प्रभाव डालने वाला कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले महीनों में जमीनी स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


