
जयपुर। जयपुर में बुधवार दस दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ (पीआरडी) के दौरान ऊर्जा, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य, खनन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में 421 एमओयू के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर लाने जा रही है। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि यह मील का पत्थर राजस्थान के मज़बूत निवेश ट्रैक रिकॉर्ड पर आधारित है, जिसमें 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पहले ही पीआरडी— 2025 से पहले ही ज़मीनी स्तर पर काम शुरू कर चुके हैं, जो निवेश और इनोवेशन के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में राज्य की प्रतिष्ठा को और मज़बूत करता है।
ओला ने बताया कि राजस्थान निर्णायक क्रियान्वयन के माध्यम से विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। प्रवासी राजस्थानी दिवस— 2025 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रतिनिधित्व करने वाले 421 एमओयू की शुरुआत, इरादे को प्रभाव में बदलने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। हमारी प्राथमिकता इन एमओयू के पीछे के इरादों को ज़मीनी स्तर पर वास्तविक परियोजनाओं में बदलना, रोज़गार पैदा करना और ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाएं प्रदान करना है जो दैनिक जीवन को बेहतर बनाएं। पीआरडी— 2025 से पहले ही 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की शुरुआत हो चुकी है, हम सिर्फ़ समझौते साइन नहीं कर रहे हैं, हम परिणाम दे रहे हैं। श्री ओला ने वैश्विक राजस्थानी समुदाय और निवेशकों को इस यात्रा का हिस्सा बनने और राजस्थान के भविष्य को फिर से आकार देने में हमारी मदद करने के लिए आमंत्रित किया है।
इस गति को और तेज़ करने के लिए राज्य 13 दूरदर्शी नीतियां भी पेश कर रहा है, जिन्हें औद्योगिक विकास, तकनीकी प्रगति और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनमें औद्योगिक नीति, एनआरआर नीति, राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग नीति, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति, सेमीकंडक्टर नीति, एयरोस्पेस और रक्षा नीति, नई पर्यटन नीति, ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण नीति, आईटी आउटसोर्सिंग, वन और कृषि-वानिकी नीति, खेल नीति और वाहन स्क्रैपेज नीति शामिल हैं। ये सभी पहलें मिलकर राजस्थान को इनोवेशन, ग्लोबल ट्रेड और ग्रीन ग्रोथ के हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

