
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त मार्गों मालवीय रोड, सदर बाजार, एमजी रोड, शारदा चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए शास्त्री चौक तक रैली, जुलूस और धरना-प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद शहर में राम नवमी की शोभा यात्रा (Shiv Sena Ram Navami Julus) में ट्रैफिक जाम नहीं हुआ।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा जारी आदेश के बाद भी शनिवार को निकले राम नवमी के अवसर पर शोभायात्रा निकली, लेकिन पुलिस की प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन के कारण इन व्यस्त मार्गों में कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनी।
इतना ही नहीं, एक जगह तो ऐसा लगा कि एंबुलेंस जाम में फंस गई, लेकिन चंद ही मिनटों में जाम खुल गया और एंबुलेंस बिना किसी बाधा के निकल गई।

शिव सेना की तरफ से निकली गई राम नवमी की शोभा यात्रा की वजह से कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी, लेकिन ड्यूटी में तैनात पुलिस की टीम ने जाम से बचने लोगों को डायवर्ट रूट में जाने की सलाह दी।
जब तय समय के बाद एमजी रोड में शोभा यात्रा पहुंची तो पुलिस ने एमजी रोड के ट्रैफिक को केके रोड और बढ़ई पारा- रामसागर पारा की तरफ से डायवर्ट किया। इसकी वजह से इस इलाके में लंबा जाम नहीं लग सका।
इतना ही नहीं शोभायात्रा को एमजी रोड में ही रुकवाया गया, ताकि जयस्तंभ में जाम न लग सके और पूरे इलाके का ट्रैफिक प्रभावित न हो।
इससे पहले चेट्रीचंड्र महोत्सव के जुलूस में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई थी।
दरअसल, पुलिस कमिश्नरेट ने ट्रैफिक दबाव और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इन प्रमुख मार्गों पर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस या धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया था। आदेश डीसीपी सेंट्रल जोन कार्यालय के प्रस्ताव पर जारी किया गया था। इसी के तहत इन जुलूस को जयस्तंभ तक जाने नहीं दिया।
इसके अलावा रामनवमी जुलूस के दौरान पुलिस ने अलग रणनीति अपनाई। पूरे मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई और जगह-जगह ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए जवानों को लाइन में खड़ा किया गया।
नतीजतन, भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी यातायात सामान्य बना रहा और आम नागरिकों को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शहर के व्यावसायिक केंद्र माने जाने वाले इन मार्गों पर पीक आवर्स में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में प्रशासन ने पहले से प्रतिबंध लागू कर ट्रैफिक प्रबंधन की योजना बनाई, जिससे धार्मिक जुलूसों के दौरान भी व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई।
दरअसल इससे पहले भी इन मार्गों पर जुलूस और धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाई जा चुकी है। उस समय ओपी चौधरी रायपुर के कलेक्टर थे और वर्तमान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला उस वक्त एसपी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। तब दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाया गया था।
इस बार पुलिस कमिश्नरेट की बेहतर योजना, समय से तैनाती और ट्रैफिक प्रबंधन के कारण बड़े धार्मिक आयोजनों के बावजूद शहर में व्यवस्था अच्छी बनी रही।
शहरवासियों ने भी पुलिस के प्रयासों की सराहना की और प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाया।
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