पाटन। क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर के कारण अब परंपरागत धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं। सुख चुके तालाबों के चलते लोगों के सामने ज्वारा विसर्जन को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।
सांकरा, मोतीपुर सहित उत्तर पाटन क्षेत्र के अन्य ग्रामों में पेयजल और निस्तारी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। गांवों के प्रमुख जल स्रोत तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे दैनिक उपयोग के पानी की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है।
तालाबों के सूखने का असर अब भूजल स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। हैंडपंप और बोर पंप का वाटर लेवल लगातार नीचे गिरता जा रहा है, जिससे पानी की किल्लत और बढ़ गई है।
सांकरा के सरपंच रवि सिंगौर ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग से जल्द से जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में जल संकट से राहत मिल सके और लोगों की दैनिक जरूरतों के साथ धार्मिक परंपराएं भी सुचारू रूप से पूरी हो सकें।


