रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस द्वारा डॉग रेस्क्यू करने वाली संस्था को खुली छूट दी गई है, संस्था से जुड़े लोग किसी भी वक्त किसी भी व्यक्ति पर हमला कर सकते है, इस कृत्य के लिए उन्हें किसी सज़ा का प्रावधान नहीं है।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है पुरानी बस्ती थाना इलाके के भांटागांव चौक से जहां 4 माह की गर्भवती पीड़िता गुरप्रीत कौर गिल से तथाकथित संस्था की किरण आहूजा अपने गुर्गों के साथ मारपीट करते हुए मोबाइल एवं कुत्ता चोरी कर ले जाती है।

इस मामले की शिकायत पुलिस को करने के बाद भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते नजर नहीं आ रही है। गर्भवती का आरोप है कि वह 4 दिनों से पुलिस थाना में 5–5 घंटे न्याय की गुहार लगा रही है, बावजूद इसके उसके ऊपर कोई रहम नहीं किया जा रहा है।इससे साफ है कि पुलिस डॉग रेस्क्यू करने वाली तथाकथित संस्था को मारपीट एवं अपराध करने की खुली छूट देकर रखी है, इस अनुसार किसी भी दिन राजधानी रायपुर में कोई बड़ा अपराध घटित हो सकता है जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस कमिश्नरेट की होगी।


