
नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
चीन ने शुक्रवार को अमेरिकी व्यापारिक नितियों की दो जांचें शुरू कर दी है जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मई में बीजिंग यात्रा से पहले व्यापारिक गतिरोध को बढ़ा सकती है। वाशिंगटन ऐसी ही कार्रवाई चीन के साथ साथ भारत और अन्य कुछ देशों के खिलाफ भी कर रहा था। अमरीका ने कहा था कि अगर इन देशों को जांच में दोषी पाया जाता है तो नए सिरे से टैरिफ लगाए जायेंगे।
न्यूज आउटलेट सेमाफोर के अनुसार बीजिंग ने कहा कि ये जांच अमेरिका द्वारा इस वर्ष चीन और अन्य देशों के खिलाफ व्यापार संबंधी पूछताछ शुरू करने के जवाब में की जा रही हैं।दोनों पक्ष ट्रंप और चीनी नेता शी जिनपिंग के शिखर सम्मेलन से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। महत्वपूर्ण है कि अमरीका-चीन व्यापार दो दशकों के निचले स्तर पर पहुंच गया है और इसमें लगातार गिरावट आ रही है।
ये जांचें इस बात का नवीनतम संकेत हैं कि अक्टूबर में महाशक्तियों द्वारा व्यापार युद्ध विराम पर सहमति जताने के बाद भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। लेकिन शंघाई स्थित एक प्रोफेसर ने ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के लिए लिखा कि ” ताइवान का मुद्दा शिखर सम्मेलन के लिए चीन की प्राथमिकता का विषय है”, क्योंकि बीजिंग द्वीप के लिए वाशिंगटन के समर्थन को सीमित करने की कोशिश कर रहा है।


