किचन गार्डन में उगाएं हल्दी, कम जगह में पाएं बड़ा फायदा

NFA@0298
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हल्दी :हल्दी सिर्फ मसाला नहीं बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है.बाजार में मिल रही मिलावटी हल्दी से बचने के लिए लोग अब घर पर हल्दी उगाना पसंद कर रहे हैं. घर में उगी हल्दी पूरी तरह केमिकल-फ्री होती है और सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है.

हल्दी उगाने के लिए ताजी और मोटी गांठ वाली हल्दी चुनें.ध्यान रखें कि कंद पर छोटे-छोटे अंकुर दिखाई दे रहे हों. ऐसे कंद जल्दी अंकुरित होते हैं और पौधा मजबूत बनता है.

हल्दी के लिए हल्की और उपजाऊ मिट्टी सबसे बेहतर होती है.बगीचे की मिट्टी, गोबर की खाद और रेत को बराबर मात्रा में मिलाकर मिट्टी तैयार करें. यह मिश्रण पानी को रोककर रखेगा और जलभराव से बचाएगा.

अगर बगीचा नहीं है तो 12–14 इंच गहरा गमला लें.गमले में नीचे पानी निकलने के छेद जरूर हों, ताकि कंद सड़ने से बच सके. बालकनी या छत पर भी हल्दी आसानी से उगाई जा सकती है.

तैयार मिट्टी को गमले में भरें और हल्दी के कंद को 2–3 इंच गहराई में लगाएं. अंकुर वाला हिस्सा ऊपर रखें और ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी छिड़क दें.

हल्दी को तेज धूप की जरूरत नहीं होती. हल्की धूप या छांव में पौधा अच्छे से बढ़ता है.मिट्टी नम रखें लेकिन ज्यादा पानी न दें. गर्मियों में रोज हल्का पानी और सर्दियों में कम पानी पर्याप्त होता है.

हर 20–25 दिन में जैविक खाद डालें और खरपतवार हटाते रहें. करीब 7–9 महीने में जब पत्तियां पीली होकर सूखने लगें, तब हल्दी निकाल लें.घर की उगी हल्दी स्वाद और सेहत दोनों में फायदेमंद होती है.



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